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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

शनिवार, 30 जनवरी 2010

जीवेम शरद शतं -गीता व आयुर्वेद में वर्णित जीवन शैली श्रेष्ठ ---डा सरोज चूडामणि गोपाल


लखनऊ वि वि के दीक्षांत समारोह में जीवन शैली से जुड़े रोगों के बारे में व्याख्यान देते हुए चिकित्सा कुलपति डा सरोज चूडामणि गोपाल ने कहा कि ७७% मौतों का कारण अनुचित , बेढंगी जीवन शैली है। कुलपति ने यह भी बताया कि आयुर्वेद व गीता में वर्णित खान-पान विधियों का अनुसरण करके आज कल की भाग-दौड़ वाली जीवन की व्याधियों से बच सकते हैं । पढ़ें इस महत्त्व पूर्ण विषय पर एक रिपोर्ट ----ऊपर के चित्र में ।
----आगरा के सरोजिनी नायडू चिकित्सा महाविद्यालय से सर्जरी में स्नातकोत्तर, उत्तर प्रदेश चिकित्सा वि वि की कुलपति डा सरोज चूडामणि गोपाल , भारत की प्रथम महिला सर्जन हैं एवं विश्व प्रसिद्ध बाल रोग विशेषग्य सर्जन हैं ।

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