ब्लॉग आर्काइव

डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

मेरी फ़ोटो
Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

बुधवार, 19 सितंबर 2012

गणेश चतुर्थी पर ....बाल गीत-- गणेश....डा श्याम गुप्त....

                               ....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...


                   यूँ तो गणेश के जाने कितने नाम हैं रूप हैं  ...अनंत |    एक पञ्चमुखी  व बाल रूप रूप प्रस्तुत है  | गणेश  सिर्फ गौरी पुत्र गणेश  नहीं है अपितु वस्तुतः गणेश  -- आदि- मूल प्राण-शक्ति है...यह विज्ञान का प्राण नहीं,  ब्रह्माण्ड की मूल प्राण-शक्ति  जो प्रत्येक तत्व ( भौतिक या अभौतिक, चेतन या अचेतन ) को आपस में बांधती है ....जिससे आगे कार्य संपादक  शक्ति का प्रादुर्भाव होता है |  वेदों में कहागया है....
पंचमुखी गणेश
.                          "निषु सीद गणपति  गणेषु त्वमाहुर्विप्रतमंकवीनां, न ऋते त्वत क्रियते किन्चनारे  महामर्क मघवच्चित्रमर्च |"   अर्थात हे गणपति आप अपने समूह  (गणों- अर्थात प्रत्येक कार्य-समूह के  संधि स्थल पर ) में विराजें, कवि ( विद्वान जन ) आपको अग्रगण्य कहते हैं, विश्व की   कोई भी क्रिया कहीं भी आपके बिना नहीं होती | तथा....अतः..." गणानां त्वा गणपति हवामहे" .... हे गणों के पति  आपका आवाहन करते हैं|   इसीलये वे प्रथम-पूज्य हैं, सर्व-पूज्य हैं, सर्वत्र पूज्य हैं.........       



                                  

बाल गणेश

              गणपति गणेश....
लम्बी सूंड कान पन्खे से, छोटी छोटी आँखें  हैं |
हाथी जैसा सर है जिनका,एकदंत कहलाते हैं ||

मोटा पेट हाथ में मोदक, चूहे की है बनी सवारी |
ओउम् कमल औ शंख हाथ में,माथे पर त्रिशूल धारी ||

ये गणेश हैं गणनायक हैं,सर्वप्रथम पूजे जाते |
क्यों हैं एसा वेष बनाए,आओ बच्चो बतलाते ||

तुच्छ जीव है मूषक लेकिन, पहुँच हर जगह है उसकी |
पास रखें ऐसे लोगों को,एसी कुशल नीति जिसकी ||

सूक्ष्म निरीक्षण वाली आँखें, सबकी सुनने वाले कान |
सच को तुरत सूंघ ले एसी, रखते नाक गणेश सुजान ||

बड़े भेद  औ  राज की बातें, बड़े पेट में  भरी रहें |
शंख घोष है,कमल सी मृदुता,कोमल मन में सजी रहें ||

सबका हो कल्याण,  ॐ से सजे  हस्त से वर देते |
मोदक का है अर्थ,सभी को प्रिय कहते,प्रिय कर देते ||

अमित भाव-गुण युत ये बच्चो!,रूप अनेकों सजते |
कभी नृत्य-रत,कभी खेल रत,कभी ग्रन्थ भी लिखते ॥

ऐसे सारे गुण हों  बच्चो! वे ही नायक कहलाते |
हैं गणेश देवों के नायक,सर्वप्रथम पूजे जाते ||

                                      - चित्र ..गूगल  एवं ..निर्विकार श्याम ....साभार..                                    

   

10 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

जय गणेश देवा..

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

सबका हो कल्याण, ॐ से सजे हस्त से वर देते |
मोदक का है अर्थ,सभी को प्रिय कहते,प्रिय कर देते ||

देश के भगा जागें गर बाल साहित्य इतना संवर्धित संस्कृत हो जाए .स्तुत्य प्रस्तुति .बधाई .
ram ram bhai
बृहस्पतिवार, 20 सितम्बर 2012
माँ के गर्भाशय का बेटियों में सफल प्रत्यारोपण

कविता रावत ने कहा…

ऐसे सारे गुण हों बच्चो! वे ही नायक कहलाते |
हैं गणेश देवों के नायक,सर्वप्रथम पूजे जाते ||
..बहुत सुन्दर रचना
..मेरे बेटे के गणेश प्रेम को देखकर मैं हैरान परेशान हो जाती हूँ आज उसका जन्मदिन है ओर साथ में कल परीक्षा भी है बड़ी मुश्किल से पढने बिठा पाती हूँ ...क्या कहूँ ...
आपकी रचना पढ़ाती हूँ उसे ...बहुत अच्छा लगता है उसे गणेश जी के बारे में कुछ भी लिखा आदि ..

सुशील ने कहा…

बहुत सुंदर !

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद पांडे जी ...ओम गं गणपति हवामहे ..

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद वीरेंद्र जी ....प्रयत्न करते रहेंगे ..आशा है कुछ हो...

---यद्यपि आजकल बहुत अधिक ताम-झाम,शो व गणेश जी के -प्रोग्राम में भी अंग्रेज़ी में संचालन देख कर ...आशा भी भागने लगती है...

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद सुशील जी...

--धन्यवाद कविता जी ...सब गणपति की कृपा है....बेटे को जन्म दिन की बधाई ...परीक्षा हेतु भी शुभकामनाएं ...विघ्नेश सारे विघ्न दूर करें ,...

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद ...सदा जी...

Anil Thombre ने कहा…

पंचमुखी गणपती, कुबेर स्थापना कैसे करे ? abthombre@gmail.com