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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

मंगलवार, 15 जून 2010

पंडित बृज बहादुर पाण्डेय स्मृति सम्मान समारोह -२०१० सम्पन्न-


पंडित बृज बहादुर पाण्डेय स्मृति सम्मान समारोह -२०१० सम्पन्न----

' डा श्याम गुप्त ' हिन्दी के विकास मेंसाहित्यकारों की भूमिका' पर आलेख पढ़ते हुए..

वरिष्ठ साहित्यकार डा अशोक गुलशन द्वारा आयोजित पंडित बृज बहादुर पाण्डेय स्मृति सम्मान समारोह -२०१०; दि. १२-०६-२०१० को बहराइच में सम्पन्न हुआ | समारोह की अध्यक्षता श्री मुजफ्फर अली ने की | ' हिन्दी के विकास में साहित्यकारों की भूमिका' एवं 'अवधी भाषा के विकास में मीडिया व युवा पीढी का दायित्व' विषय पर आलेख वाचन किया गया | समस्त भारत से आये हुए साहित्यकारों का सम्मान किया गया|
श्री मुजफ्फर अली अपना संभाषण देते हुए....साथ में बैठे हुए राज्य स्वास्थ्य मंत्री श्री दद्दन मिश्र व खड़े हुए डा अशोक गुलशन ..

डा श्याम गुप्त को सम्मानित करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री दद्दन मिश्र एवं शिक्षा साहित्य कला विकास समिति, रत्नापुर बाज़ार के अध्यक्ष श्री संतोष मिश्र |





4 टिप्‍पणियां:

Jandunia ने कहा…

सार्थक पोस्ट

indli ने कहा…

नमस्ते,

आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

indli ने कहा…

नमस्ते,

आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

आपके फ़ोटो अच्छे लगे।
हरेक धर्म-मत के साहित्य का संकलन हेतु एक प्रयास के तौर पर हम एक नया ब्लॉग बना रहे हैं और आपको सादर आमंत्रित करते हैं।
आपकी रचनाओं सहित आप आमंत्रित हैं।
धन्यवाद !
http://dharmiksahity.blogspot.com/