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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

बुधवार, 5 सितंबर 2012

आज टीचर्स डे है गुरु दिवस नहीं ....ड़ा श्याम गुप्त के दोहे....

               आज  टीचर्स डे है गुरु दिवस नहीं .... देखिये टीचर्स के स्टूडेंट्स की शानदार लेंग्वेज ......
                             





                      










और  कुछ  दोहे....



धन साधन की रेल में भीड़ खचाखच जाय |
धक्का मुक्की धन करे, ज्ञान नहीं चढ पाय ||

ज्ञान हेतु अब ना पढ़ें,  पढ़ें  नौकरी  हेतु |
लक्ष्य  चाकरी होगया, लक्ष्मी बने है सेतु ||

शास्त्र  पढ़े बिन नाम रख,शास्त्री परम सुजान |
टीचर - स्टूडेंट की,  बनी  खूब  पहचान ||

डिग्री ले शास्त्री बने, नहीं ज्ञान पहचान |
जस टीचर तस ही बनें, स्टूडेंट महान ||

चाहे पद पूजन करो, या साष्टांग प्रणाम |
शिक्षा तब ही पाओगे, चढ़े चढावा दाम  ||

बने धनार्जन सेतु सब,ध्यान ज्ञान विज्ञान |
अमरीका की चाकरी, करें जाय विद्वान ||

सींचे बिन मुरझा गयी,सदाचार की मूल |
श्याम कहाँ फूलें फलें , संस्कार के फूल ||

5 टिप्‍पणियां:

रविकर फैजाबादी ने कहा…

जय हो गुरु देव की ||
सादर नमन ||

dheerendra ने कहा…

आज की सच्चाई बताती टीचर्स डे पर अच्छे दोहे,,,,,

RECENT POST,तुम जो मुस्करा दो,

Dr. shyam gupta ने कहा…

थैंक्स .....रविकर एवं धीरेन्द्र जी...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्रासंगिक दोहे, सत्य उजागर करते हुये।

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद पांडे जी ....