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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी तेरह पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह), अगीत त्रयी ( अगीत विधा के तीन महारथी ), तुम तुम और तुम ( श्रृगार व प्रेम गीत संग्रह ), ईशोपनिषद का काव्यभावानुवाद .. my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी ---फेसबुक -डाश्याम गुप्त

मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

मेरी नवीन ओन लाइन प्रकाशित पुस्तक--विविध वंदनायेँ --डॉ. श्याम गुप्त

....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ... 





मेरी नवीन कृति--- ओन लाइन
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-- विविध वंदनायेँ ---
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** 2
वंदनाएँ ( डॉ.श्याम गुप्त, सुषमा गुप्ता द्वारा रचित वंदनाएँ )
प्रकाशक—सुषमा प्रकाशन, लखनऊ
प्रथम संस्करण--मार्च 2026ई.
मूल्य –250/-
सर्वाधिकार—लेखकाधीन
रचयिता--- डॉ.श्यामगुप्त, सुषमा गुप्ता
सुश्यानिदी, के-३४८, आशियाना कोलोनी,
लखनऊ-२२६०१२
मो-९४१५१५६४६,
ईमेल – drgupta04@gmail.com
मुखपृष्ठ –डॉ.श्यामगुप्त
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Vandanaye( Hymns in praying to GODS )
Writer--- Dr Shyam Gupta , Sushama Gupta
Sushyanidi, k-348, Ashiyana ,
Lucknow-226012 UP (India) Mo.9415156464,
Email-drgupta04@gmail.com –
Blog-https//shyamthot.blogspot.com
Published by—Sushama prakashan, Lucknow .

3.
आभार
जिनकी वंदना से हम वंदना करने योग्य हो पाते हैँ
उस तेजपुन्ज परब्रह्म की प्रेरणा एवं माँ वाग्देवी की कृपा-भिक्षा के आभार से कृत-कृत्य हम उनकी सुप्रेरणा द्वारा इस कृति की परिकल्पना व कृतित्व में सहायक हुए सभी पुरा, पूर्व व वर्तमान कवियों, आचार्यों, साहित्याचार्यों, काव्याचार्यों, विद्वानों व रचनाकारों का गुरुवासरीय गोष्ठी के संगी साथियोँ के आभारी हैँ जिनके विचारों व भावों ने इस कृति में समाहित होकर हमेँ कृत-कृत्य किया ।
डॉ.श्याम गुप्त
सुषमा गुप्ता
4. समर्पण
प्रथम वंदनीय देव माता- पिता को
जिनकी कृपा आश्रय में प्रथम शब्द मुखोच्चारित हुआ तथा अक्षर ज्ञान की प्राप्ति हुई ।
पूज्य पिताजी श्री जगन्नाथप्रसाद गुप्ता
एवं
पूज्य माताजी श्रीमती रामभेजी देवी गुप्ता




5. अनुक्रमणिका
समर्पण
आभार
वंदनाएँ –
अ. देवी माँ की वंदनाएँ
1. माँ का आवाहन
2. माँ ! तेरे दर हम आये
3. तेरे पूजन को हे मैया
4. तुम तुम और तुम
5. माँ का वंदन --- दोहे
6. वंदना के स्वर --हरिगीतिका छंद—
ब. सरस्वती वंदनाएँ
1. माँ करो अवतरण
2. भारती सरस्वती शारदा
3. वाग्देवी
4. मंगला चरण
5. माँ शारदे! कृपा दृष्टि बरसाओ
6. वन्दना के स्वर ग़ज़ल में
7. वाणी वंदना
8. वाणी वंदना – अतुकांत गीत
9. वैदिक वाणी वंदना
10. सरस्वती वंदना - आगमन करिये
11. माँ लिखती तो सब कुछ तुम हो
12. सरस्वती वंदना –चौपाई
13. वन्दना -हंसवाहिनी वीणा वादिनि
14. हे मानस की देवि
15. हे मातु ज्ञान दायिनी
16. सरस्वती वंदना - धवल मराल पै
17. माँ वाणी! माँ सरस्वती! माँ शारदे
18. वन्दना –नव कल्पना
स. अन्य वंदनाएँ
1. गणेश वंदना
2. परम सत्ता नमन
3. आवाहन
4. वन्दनायेँ 11 .
5. ईश प्रार्थना
6. अरचना
7.अर्चन अर्पण
8. प्रभु वंदना
9.ईषत अहँ वंदना
10.उमा-महेश वंदना....
11.शम्भु –वंदना
12. राधाकृष्ण वंदना -1
13. राधा-कृष्ण वन्दना –दोहे
14. कार्तिकेय वन्दना
15. पवन कुमार
16.माँ भारती वन्दना ...
17.रति-अनंग वन्दना ......
18.मेरा कान्हा
19.मानस वन्दना ....
20.प्रेम तत्व वंदना ...
21.प्रेमी युगल वन्दना
22. मेरे गीत तुम्हारा वंदन

 

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