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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

गुरुवार, 17 नवंबर 2011

लखनऊ में अखिल भारतीय विशाल कवि-महासम्मेलन का सफल आयोजन....... डा श्याम गुप्त ..


....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ.
उपस्थित साहित्यकार गण



                                     

श्रीमती कमला श्रीवास्तव सरस्वती वन्दना करते हुए 
स्वागताध्यक्ष श्री आचार्य मुनीश त्यागी गाज़ियाबाद का स्वागत भाषण 


  
नव-निर्वाचित अध्यक्ष श्री अजय खरे का  अध्यक्षीय  अभि-भाषण  व मंच पर डा रंग नाथ मिश्र 'सत्य'व अन्य विद्वान्
                  अखिल भारत विचार क्रान्ति मंच  व अखिल भारतीय  अगीत परिषद्  के तत्वावधान में  दिनांक १३-११-२०११ को एक विशाल कवि-महासम्मेलन  का सफल आयोजन ..स्वामी राम तीर्थ प्रतिष्ठान, ९-विष्णुपुरी , चर्चरोड़, अलीगंज, लखनऊ   में संपन्न हुआ , जिसमें देश भर के कवि-साहित्य्कार व विद्वान एकत्र हुए ।|  सम- सामयिक विषयों पर विद्वानों द्वारा विचार-विमर्श के साथ  काव्य-समारोह , कृतियों  का भी लोकार्पण एवं साहित्यकारों का सम्मान भी किया गया |  ...एक रिपोर्ट ...

संयोजक श्री पार्थोसेन द्वारा एक रिपोर्ट व प्रेस विज्ञप्ति  

3 टिप्‍पणियां:

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

कवि-सम्मेलन हो और मुझ जैसे नवोदित कवि को अवसर न मिले, आमंत्रण भेजा न जाये... भई बड़ा सालता है.
हम श्रोता भी बड़े अच्छे हैं... जब कभी फिर हो तो सूचित करियेगा... शायद उधर आने का संयोग बैठ जाये!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सफल आयोजन की ढेरों बधाईयां

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद पान्डे जी...
---धन्यवाद प्रतुल जी....यह समारोह प्रत्येक वर्ष अक्टूबर-नवम्बर में आयोजित किया जाता है...स्थानीय समाचार पत्र में भी दिया जाता है...