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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

शुक्रवार, 1 फ़रवरी 2013

श्री लंका यात्रा भाग आठ ....बेन्टोटा नदी में ,,,,


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                      बेंटोटा गंगा नदी में बोटिंग एवं वाटर स्पोर्ट्स --- 28-12-12  -प्रातः नाश्ते के पश्चात हम लोगों ने इन्दुर्वा से बेन्टोटा नदी के लिए प्रस्थान किया |  नदी जहां समुद्र में मिलती है काफी बड़ा व घना डेल्टा बनाती  है जिसमें बने  मेंग्रोव के घने दलदलीय वनों में होकर बहती है जिनमें घड़ियाल, मगरमच्छ व वाटर-मोंस्टर  नामक जल-जंतु पाए जाते हैं | पहले विशाल नदी एवं मेंग्रोव वनों में बोटिंग की गयी तत्पश्चात निर्विकार -रीना  समुद्र में स्नोर्क्लिंग व स्कूबा डाईबिंग  करना चाहते थे परन्तु मौसम व समुद्र की हलचल उपयुक्त न  होने के कारण वापस लौट आये एवं सभी ने नदी में ही अन्य वाटर-स्पोर्ट्स का आनंद लिया |

डाइनिंग हाल में  मस्ती करते  हुए आराध्य

इन्दुर्वा बीच रिजोर्ट में ब्रेक-फास्ट

बेन्टोटा  -पुल पर श्री लंकन ट्रेन

क्रोकोडायल का शिशु

वाटर -मोंस्टर स्थल पर



 नदी से मस्जिद का दृश्य
नदी में आईलेंड पर मगरमच्छ विश्राम करते हुए व मेंग्रोव के घने वन

नदी में  तैरते हुए वाटर मोंस्टर



विशालकाय बेंटोटा -गंगा नदी में बोटिंग




मेंग्रोव के घने वन में

                                   
मेंग्रोव के घने वन में जाती हुई नावें
वाटर स्पोर्ट-सुषमा जी व आराध्य के साथ
रीना व निर्विकार वाटर स्कूटर पर

आराध्य की जलक्रीडा

सुषमा जी , रीना, निर्विकार व आराध्य वाटर स्कूटर पर
निर्विकार के साथ वाटर स्कूटर पर
                         नदी  व सागर में वाटर स्पोर्ट कराने वाले अधिकांस लोग  श्रीलंका के आदिवासी  वेददा -यक्का क्लान  ( प्राचीन यक्ष-राक्षस-नाग )   के  लोग हैं जो  वहां के मूल निवासी हैं -गहन वन के निवासी -हंटर-गेदरर  मानव --जो आधुनिक समय में  नगर में बस गए हैं एवं कुशल तैराक व समुद्री जोखिम में माहिर हैं |

 वाटर स्पोर्ट  कराने वाले कुशल नाविक


                 

2 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर यात्रा, मोहक चित्रों के संग..

shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद --पांडे जी...