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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

शनिवार, 18 जुलाई 2009

ग्यान, विग्यान व ज्योतिष- विग्यान है या नहीं?

पिछले दिनों ’साइन्स ब्लोगेर असोसिएसन’ पर ज्योतिष विग्यान है या नहीं- पर बहुत लम्बी चौडी बहस हुई ,बिना परिणाम के।----
----बस्तुतः एक परिभाषा के अनुसार,--जो विभु( द्रश्य पदार्थ,प्रक्रति) का विश्लेषण करते करते लघु( अणु) तक पहुंचेतथा रास्ते में प्राप्त जान्कारियों व परिणामी जानकारियों को मानव के भौतिक सुख साधन हेतु उपयोग करे वह विग्यान है, एवम जो लघु( अणु- आत्मा, ब्रह्म,जीव ,माया) की व्याख्या करते करते विभु( महान- ईश्वर,प्रक्रति,जीव) तक पहुंचे तथा इस जानकारी को मानव के आचरण की उन्नति हेतु उपयग करे वह ग्यान( दर्शन,ब्रह्म ग्यान आदि) है।
उपनिषद के अनुसार ईश्वर, जीव,स्रष्टि,माया के बारे में जानना ग्यान,बाकी सन्सार के बारे में जानना-अग्यान है। विग्यान का अर्थ है विशिष्ट ग्यान,विशेष वस्तु के बारे में विशेष ग्यान। क्योंकि ज्योतिष ,ज्योति पिन्डों(नक्षत्रों आदि द्रश्य पिन्ड) के बारे में विशेष ग्यान है अतः सभी अग्यान श्रेणियों के अन्तर्गत वह भी विग्यान ही है। बहस यह होनीचाहिये कि वह कितना उपयोगी है,जीवन के लिये।

-----ग्यान,अग्यान,विग्यान ,धर्म,दर्शन के तात्विक विश्लेषण हम अपने अन्य ब्लोग--http://vijaanaati-vijaanaati-science.blogspot.com पर करेंगे।

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